संक्षेप में जवाब: अपने रेस्तरां की वेबसाइट पर एक सीधा ऑर्डर विकल्प जोड़ें — जैसे सरल ऑर्डर फ़ॉर्म या WhatsApp बटन — और उस लिंक को नियमित ग्राहकों तक पहुँचाएँ। भुगतान और डिलीवरी आप खुद या किसी स्थानीय कूरियर के ज़रिए संभालें। इससे ऐप कमीशन बचता है और ग्राहक का डेटा आपके पास रहता है।
क्या यह आपके बिज़नेस के लिए बनवाना है?
टेम्पलेट 9 (एक बार), या पूरी साइट हम बना दें — 99 से। व्हाट्सऐप पर अपना काम और शहर लिखिए, हम उदाहरण और तय कीमत भेज देंगे — कॉल की ज़रूरत नहीं।
व्हाट्सऐप पर मैसेज करेंसबसे आसान तरीका: वेबसाइट पर ऑर्डर फ़ॉर्म या WhatsApp बटन
सबसे सरल रास्ता यह है कि अपनी वेबसाइट पर एक छोटा ऑर्डर फ़ॉर्म लगाएँ। ग्राहक अपना नाम, फ़ोन नंबर, पता और ऑर्डर की जानकारी भरकर भेज दे। फ़ॉर्म सबमिट होते ही ईमेल या WhatsApp पर आपको संदेश मिल जाए।
दूसरा तरीका — WhatsApp बटन। वेबसाइट पर एक हरा बटन लगाएँ। ग्राहक उस पर क्लिक करे, WhatsApp खुले और पहले से लिखा संदेश आपको मिल जाए। इसमें ग्राहक को कुछ नया सीखना नहीं पड़ता।
Black7 के तैयार टेम्पलेट में ये दोनों विकल्प पहले से मौजूद हैं। एक बार का 9 लगता है, हर महीने कमीशन नहीं।
भुगतान कैसे लें: UPI, नकद या भुगतान लिंक
भुगतान के लिए तीन आसान तरीके अपनाएँ:
- UPI: ग्राहक QR कोड स्कैन करे या आपका UPI ID डाले। पैसा सीधे बैंक में आएगा।
- नकद: डिलीवरी के समय नकद लें। छोटे शहरों में यह अब भी सबसे भरोसेमंद तरीका है।
- भुगतान लिंक: ऑर्डर की पुष्टि करते समय WhatsApp पर UPI लिंक भेजें। ग्राहक भुगतान करके स्क्रीनशॉट भेज दे।
एक बात का ध्यान रखें — भुगतान की शर्तें वेबसाइट पर साफ़ लिखें। जैसे “ऑर्डर की पुष्टि के लिए अग्रिम भुगतान ज़रूरी है” या “डिलीवरी पर नकद लें”। इससे गलतफहमी नहीं होगी।
अपना ऑर्डर सिस्टम चलाने में कितना खर्च आता है
शुरुआत में तीन तरह के खर्चे आते हैं:
- वेबसाइट: Black7 का तैयार टेम्पलेट एक बार के 9 में मिलता है। इसमें ऑर्डर फ़ॉर्म और WhatsApp बटन जैसे बुनियादी विकल्प शामिल हैं।
- डोमेन और होस्टिंग: यह सालाना खर्च है। कीमतें हर सर्विस देने वाले के हिसाब से अलग होती हैं, इसलिए तुलना करके चुनें।
- भुगतान: UPI पर आम तौर पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता। कार्ड या भुगतान गेटवे पर छोटा शुल्क हो सकता है — अपने बैंक या गेटवे से पूछ लें।
याद रखें, ऐप कमीशन हर ऑर्डर पर कटता है, जबकि वेबसाइट का खर्च एक बार या सालाना होता है।
ग्राहकों को सीधे ऑर्डर के लिए कैसे बताएँ
जो ग्राहक पहले से आपके यहाँ खाते हैं, उन्हें सबसे पहले बताएँ। बिल के साथ एक छोटा कार्ड दें जिस पर आपकी वेबसाइट का पता और WhatsApp नंबर लिखा हो।
दुकान के बाहर बोर्ड लगाएँ: “सीधे ऑर्डर करें — वेबसाइट पर जाएँ”। पैकिंग बॉक्स पर भी लिंक छपवाएँ।
WhatsApp पर अपने नियमित ग्राहकों का एक समूह बनाएँ। रोज़ का मेन्यू और ऑर्डर लिंक भेजें। Instagram और Google पर अपनी वेबसाइट का लिंक डालें। जो ग्राहक ऐप से आते हैं, उन्हें बताएँ कि सीधे ऑर्डर करने पर कभी-कभी छोटी छूट या मुफ़्त डिलीवरी मिल सकती है।
ऑर्डर पेज पर क्या-क्या होना चाहिए
ऑर्डर पेज को सरल रखें। इन चीज़ों को ज़रूर डालें:
- पूरा मेन्यू — हर व्यंजन का नाम, कीमत और छोटा विवरण।
- ऑर्डर फ़ॉर्म — नाम, फ़ोन, पता, ऑर्डर का विवरण और विशेष निर्देश के लिए जगह।
- WhatsApp बटन — एक क्लिक में बातचीत शुरू।
- भुगतान के तरीके — UPI, नकद या लिंक।
- डिलीवरी का समय और क्षेत्र — कितनी दूर तक डिलीवरी करते हैं।
- संपर्क नंबर — कोई सवाल हो तो फ़ोन कर सके।
जो चीज़ें न डालें: बहुत सारे पॉप-अप, अपने आप चलने वाले वीडियो, या लंबे-चौड़े फ़ॉर्म। ग्राहक जल्दी में होता है — उसे दो मिनट में ऑर्डर करने दें।
बिना ऐप के डिलीवरी कैसे संभालें और कूरियर कैसे चुनें
शुरुआत में खुद या अपने स्टाफ़ के ज़रिए डिलीवरी करें। छोटे दायरे में यह सबसे सस्ता और भरोसेमंद तरीका है।
जैसे-जैसे ऑर्डर बढ़ें, स्थानीय कूरियर या डिलीवरी पार्टनर से बात करें। उनसे प्रति डिलीवरी रेट तय करें। ध्यान रखें — कूरियर वाले आम तौर पर ऐप कमीशन नहीं लेते, सिर्फ़ तय रकम लेते हैं।
डिलीवरी का समय साफ़ बताएँ। ज़्यादा भीड़ के समय ग्राहक को फ़ोन करके बता दें कि ऑर्डर थोड़ा देर से पहुँचेगा।
कानूनी और कर नियम: स्थानीय स्तर पर जाँचें
हर राज्य और शहर के नियम अलग होते हैं। कुछ जगहों पर घर से बने खाने की बिक्री के लिए लाइसेंस चाहिए, कुछ में सिर्फ़ पंजीकरण।
GST का पंजीकरण तब ज़रूरी हो सकता है जब आपका सालाना कारोबार एक तय सीमा से ऊपर चला जाए। यह सीमा समय-समय पर बदलती है।
सबसे अच्छा रास्ता — अपने स्थानीय नगर निगम, खाद्य सुरक्षा विभाग या किसी अकाउंटेंट से सलाह लें। वेबसाइट पर अपना लाइसेंस नंबर और FSSAI पंजीकरण ज़रूर दिखाएँ, इससे ग्राहक का भरोसा बढ़ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मुझे ऑर्डर लेने के लिए ऐप डाउनलोड करने की ज़रूरत है?
नहीं। आपकी वेबसाइट ब्राउज़र में खुलती है। ग्राहक फ़ॉर्म भरकर या WhatsApp बटन दबाकर ऑर्डर कर सकता है। आपको ऑर्डर ईमेल या WhatsApp पर मिल जाएगा।
क्या मैं अपने नियमित ग्राहकों को सीधे ऑर्डर के लिए मना सकता हूँ?
हाँ, बिल्कुल। जब ग्राहक दुकान पर आए या फ़ोन करे, तो उसे बताएँ कि आपकी वेबसाइट पर सीधे ऑर्डर कर सकते हैं। कई बार छोटी छूट या मुफ़्त डिलीवरी देकर प्रोत्साहित करें।
अगर ग्राहक ऑनलाइन भुगतान नहीं करना चाहता तो क्या करें?
उसे डिलीवरी पर नकद देने का विकल्प दें। वेबसाइट पर साफ़ लिखें कि नकद स्वीकार किया जाता है। ज़्यादातर छोटे शहरों में यह तरीका अब भी लोकप्रिय है।
क्या वेबसाइट बनाने में बहुत समय लगेगा?
Black7 के तैयार टेम्पलेट से आप कुछ घंटों में अपनी वेबसाइट तैयार कर सकते हैं। मेन्यू, फ़ोटो और संपर्क जानकारी डालें, बस। कोई कोडिंग नहीं सीखनी पड़ती।
क्या मुझे डिलीवरी के लिए अपना स्टाफ़ रखना ज़रूरी है?
शुरुआत में आप खुद या एक स्टाफ़ सदस्य से डिलीवरी करा सकते हैं। ऑर्डर बढ़ने पर स्थानीय कूरियर से बात करें। वे आम तौर पर प्रति डिलीवरी तय रकम लेते हैं, ऐप कमीशन नहीं।
शुरू से बनाने के बजाय तैयार साइट से शुरू करें
Black7 के टेम्पलेट एक बार के 9 में मिलते हैं, हर टेम्पलेट एक ही तरह के कारोबार के लिए बना है और तुरंत एडिट किया जा सकता है। उसे चलाने के लिए डोमेन और होस्टिंग चाहिए? Network Solutions और Domain.com दोनों यह एक ही जगह कर देते हैं।
टेम्पलेट देखें →