संक्षेप में जवाब: डोमेन का मालिक जानने के लिए कोई भी मुफ़्त WHOIS लुकअप टूल खोलिए और अपना डोमेन नाम डालिए। नतीजे में रजिस्ट्रेंट कॉन्टैक्ट देखिए — अगर वहाँ आपका नाम और ईमेल है, तो डोमेन आपका है। अगर वेब डिज़ाइनर का नाम लिखा है, तो डोमेन पर कंट्रोल उसी के पास है।
क्या यह आपके बिज़नेस के लिए बनवाना है?
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व्हाट्सऐप पर मैसेज करेंWHOIS लुकअप क्या है और कैसे काम करता है?
हर डोमेन नाम किसी रजिस्ट्रार के पास पंजीकृत होता है। रजिस्ट्रार वह कंपनी है जो डोमेन को साल-दर-साल रिन्यू करती है। WHOIS एक सार्वजनिक रिकॉर्ड है जिसमें यह जानकारी रहती है कि डोमेन किसके नाम पर है, कब बना और कब खत्म होगा।
इसमें चार मुख्य कॉन्टैक्ट होते हैं:
- रजिस्ट्रेंट: असली मालिक। यही सबसे ज़रूरी है।
- एडमिन कॉन्टैक्ट: तकनीकी और प्रशासनिक फैसले लेने वाला।
- टेक कॉन्टैक्ट: सर्वर और सेटिंग्स संभालने वाला।
- रजिस्ट्रार: जहाँ से डोमेन खरीदा गया।
अगर रजिस्ट्रेंट में आपका नाम है, तो कानूनी तौर पर डोमेन आपका है। अगर डिज़ाइनर का नाम है, तो वह चाहे तो डोमेन बेच सकता है, ट्रांसफर कर सकता है या रिन्यू करना बंद कर सकता है।
अपने डोमेन के लिए WHOIS लुकअप कैसे चलाएँ
इसमें पाँच मिनट लगते हैं और कोई फीस नहीं लगती।
- कोई भी मुफ़्त WHOIS टूल खोलिए। कई रजिस्ट्रार और सर्च इंजन यह सुविधा मुफ़्त देते हैं।
- सर्च बॉक्स में अपना पूरा डोमेन नाम डालिए, जैसे आपकीदुकान का नाम डॉट कॉम।
- नतीजे में रजिस्ट्रेंट नेम और रजिस्ट्रेंट ईमेल देखिए।
- साथ ही रजिस्ट्रेशन डेट और एक्सपायरी डेट भी देख लीजिए।
- अगर ईमेल छिपा है, तो रजिस्ट्रार का नाम नोट कर लीजिए।
यही रिकॉर्ड आपके पास सबूत की तरह काम आएगा। स्क्रीनशॉट लेकर रख लीजिए।
अगर वेब डिज़ाइनर डोमेन का मालिक दिख रहा है तो क्या करें?
घबराने की ज़रूरत नहीं, लेकिन देर भी न कीजिए।
- पहले उससे ईमेल, फोन या WhatsApp पर लिखित में माँग कीजिए कि डोमेन आपके नाम पर ट्रांसफर कर दिया जाए।
- ट्रांसफर के लिए रजिस्ट्रार एक कोड देता है। वह कोड डिज़ाइनर के ईमेल पर जाता है। इसलिए उसका सहयोग ज़रूरी है।
- अगर वह जवाब नहीं दे रहा, तो रजिस्ट्रार की सपोर्ट टीम को लिखिए। साथ में अपने भुगतान के रिकॉर्ड, बिज़नेस रजिस्ट्रेशन या पुरानी ईमेल चैट भेजिए।
- रजिस्ट्रार की शिकायत प्रक्रिया अलग-अलग होती है। इसलिए उसकी वेबसाइट पर नियम पढ़िए या फोन पर पूछिए।
याद रखिए: डोमेन पर कब्ज़ा कागज़ों से तय होता है, बातचीत से नहीं।
WHOIS में प्राइवेसी सर्विस दिखे तो क्या मतलब है?
कई रजिस्ट्रार ग्राहक की निजता बचाने के लिए उसका असली नाम और ईमेल छिपा देते हैं। तब WHOIS में रजिस्ट्रेंट की जगह कोई प्राइवेसी कंपनी या 'Redacted for Privacy' जैसा लिखा दिखता है।
इसका मतलब यह नहीं कि जानकारी मिल ही नहीं सकती। रजिस्ट्रार के पास असली रिकॉर्ड होता है। आप रजिस्ट्रार को ईमेल करके लिखित में पूछ सकते हैं कि इस डोमेन का रजिस्ट्रेंट कौन है। कुछ रजिस्ट्रार सिर्फ़ मालिक की मंज़ूरी के बाद यह बताते हैं।
अगर डोमेन आपके ही नाम पर खरीदा गया था, तो आपके पास ईमेल रसीद ज़रूर होगी। उसे संभालकर रखिए।
डिज़ाइनर गायब हो गया हो तो डोमेन कैसे वापस पाएँ?
सबसे पहले यह तय कीजिए कि डोमेन किसके नाम पर है।
- अगर आपका नाम है: रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर 'पासवर्ड भूल गए' विकल्प से लॉगिन कीजिए। ईमेल आपके पास आएगा। फिर डोमेन को अपने किसी भरोसेमंद रजिस्ट्रार पर ट्रांसफर कर लीजिए।
- अगर डिज़ाइनर का नाम है: रजिस्ट्रार को लिखिए कि डोमेन का भुगतान आपने किया था और आप असली मालिक हैं। बैंक स्टेटमेंट, इनवॉइस और ईमेल सबूत भेजिए।
- अगर डोमेन एक्सपायर होने वाला है: तुरंत रिन्यू कीजिए। एक्सपायर होने के बाद किसी और के हाथ बिक जाने का खतरा रहता है।
कई मामलों में रजिस्ट्रार मध्यस्थता करता है। नियम और समय-सीमा रजिस्ट्रार के हिसाब से बदलती है, इसलिए स्थानीय स्तर पर उसकी शर्तें ज़रूर पढ़िए।
आगे के लिए डोमेन मालिकी की समस्या कैसे रोकें?
आगे कभी यह झंझट न हो, इसके लिए तीन आदतें अपना लीजिए।
- डोमेन अपने नाम पर खरीदिए। भुगतान अपने कार्ड या बैंक से कीजिए। रजिस्ट्रेंट ईमेल अपना बिज़नेस ईमेल रखिए, जो हमेशा आपके पास रहे।
- लॉगिन जानकारी अपने पास रखिए। रजिस्ट्रार का यूज़रनेम और पासवर्ड डिज़ाइनर को देने की ज़रूरत नहीं। उसे सिर्फ़ DNS सेटिंग बदलने का सीमित अधिकार दीजिए।
- रिन्यूअल की तारीख याद रखिए। ऑटो-रिन्यू चालू रखिए और कैलेंडर में रिमाइंडर लगाइए।
अगर आप बिल्कुल नई वेबसाइट बनवा रहे हैं, तो शुरू से ही तय कर लीजिए कि डोमेन और होस्टिंग आपके नाम पर रहेंगे। डिज़ाइनर को सिर्फ़ डिज़ाइन और सेटिंग का काम दीजिए। तैयार टेम्पलेट से शुरुआत करनी हो तो Black7 का एक बार का $29 वाला प्लान भी इसी सोच के साथ इस्तेमाल कीजिए — डोमेन हमेशा अपने नाम पर ही रखिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
WHOIS रिकॉर्ड कितने दिन पुराना हो सकता है?
WHOIS डेटा रजिस्ट्रार लगातार अपडेट करते रहते हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ घंटे या एक-दो दिन की देरी हो सकती है। अगर आपने अभी डोमेन ट्रांसफर किया है, तो कुछ देर बाद फिर देखिए।
क्या मैं बिना डिज़ाइनर के डोमेन का पासवर्ड बदल सकता हूँ?
अगर रजिस्ट्रेंट ईमेल आपका है, तो हाँ। रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर 'पासवर्ड भूल गए' विकल्प से नया पासवर्ड बनाइए। अगर ईमेल डिज़ाइनर का है, तो पहले रजिस्ट्रार से संपर्क करके मालिकी साबित करनी होगी।
डोमेन ट्रांसफर करने में कितना समय लगता है?
आम तौर पर कुछ दिन लगते हैं। रजिस्ट्रार पुराने मालिक को मंज़ूरी का ईमेल भेजता है और कुछ समय इंतज़ार करता है। नियम हर रजिस्ट्रार में अलग होते हैं, इसलिए उसकी वेबसाइट पर समय-सीमा देख लीजिए।
क्या WHOIS लुकअप मुफ़्त है?
हाँ, ज़्यादातर WHOIS टूल मुफ़्त हैं। कुछ जगह विस्तृत रिपोर्ट के लिए पैसे माँगे जा सकते हैं, लेकिन रजिस्ट्रेंट का नाम देखने के लिए मुफ़्त टूल काफ़ी है।
डोमेन और होस्टिंग में क्या फर्क है?
डोमेन आपका पता है, जैसे दुकान का नाम। होस्टिंग वह जगह है जहाँ वेबसाइट की फाइलें रखी जाती हैं। दोनों अलग-अलग खरीदे जा सकते हैं, और दोनों का मालिकाना हक आपके नाम पर होना चाहिए।
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